फर्जी दस्तावेजों से संपत्ति हड़पने पर मुकदमा दर्ज

ललितपुर। थाना कोतवाली अंतर्गत किशोर न्याय बोर्ड में तैनात कर्मचारी की मृत्यु के उपरांत दूसरी पत्नी बनकर फर्जी दस्तावेजों से संपत्ति हड़पने, झूठे मुकदमे में फंसाने व जान से मारने को धमकाने के मामले में कोतवाली पुलिस ने मृतक की पत्नी की तहरीर के आधार पर आरोपी महिला के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।


 

थाना कोतवाली के इलाइट चौराहा के पास जनककुंज के सामने ओमसाईं अपार्टमेंट निवासी ब्रोनिका बेकन पत्नी स्व. गौरव ब्रेकन ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि पांच माह पहले उसके पति की झांसी में एक सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। पति गौरव ब्रेकन किशोर न्याय बोर्ड में कनिष्ठ सहायक के पद पर तैनात थे। विभाग के सेवा अभिलेखों में दर्ज विवरण के अनुसार मृतक कर्मचारी के समस्त भुगतान देने का पत्र उसे प्राप्त हुआ। उससे कुछ दस्तावेज मांगे गए, जिसे वह तैयार करा रही थी।
इसी बीच उसे झांसी निवासी संदीप लाल ने फोन कर कहा कि गौरव की एक और पत्नी है, आधा पैसा उसे दे दे, वरना वह उसे कुछ नहीं लेने देंगे। लेकिन, उसने कागजात तैयार कराए। इसी बीच मृतक कर्मी के विभाग में डाक द्वारा एक पत्र आया, जिसमें एक महिला ने अपना नाम मोनिका ब्रेकन बताया और गौरव की समस्त देयों का भुगतान उसे करने को कहा। इसके बाद उसने अपने पति के सैलरी एकाउंट का स्टेटमेंट निकलवाया, तो पाया कि पति की मृत्यु के तीन माह पूर्व 17 हजार रुपये की मासिक किस्त एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस में कट रही है। पता करने पर मालूम हुआ कि उसके पति ने मकान खरीदने के लिए लोन लिया है। उसने तहसील से रजिस्ट्री निकलवाई तो वह दंग रह गई, रजिस्ट्री में बेचने वाली महिला सुशीला देवी पत्नी निर्मल तालपुरा झांसी एवं मकान खरीदने वाली महिला का नाम शिखा है। लेकिन, मकान की रजिस्ट्री में उसने अपना नाम मोनिका ब्रेकन पत्नी गौरव ब्रेकन लिखा है।
उसने इस मामले की जानकारी की तो पता चला कि उक्त शिखा बंगाल राज्य के सर्कस से भाग कर आई थी और उसने ललितपुर के आजादपुरा निवासी संजीव पुत्र काशीराम के साथ शादी कर ली थी। उसकी दो बेटियां भी थी। यह महिला उसके पति के करीब आई और उनसे संबंध बनाए। इसी बीच उसने षड्यंत्र वश उसके पति की अश्लील फोटो बना ली और उसे ब्लैकमेल किया। महिला ने उसके पति को दबाव में लेकर अपना आधार कार्ड अपडेट कराकर मिलता जुलता नाम मोनिक ब्रेकन करा लिया। महिला ने उसके पति पर दबाव बनाकर 22 लाख 50 हजार रुपये लिए। इसका पेमेंट 4 लाख 50 हजार रुपये गौरव ने सैलरी एकाउंट से एवं 18 लाख रुपये एलआईसी से लोन लेकर दिया। पूरा पैसा गौरव ने दिया, लेकिन मकान मोनिका के नाम पर हो गया। यह सब एक षड्यंत्र के तहत हुआ। अब उक्त महिला उसे जान से मारने को धमका रही है और पति की संपत्ति से आधा पैसा मांग रही है। कोतवाली पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है।