ललितपुर। फसलों में आग लगने की घटनाएं बढ़ने से बिजली विभाग ने किसानों को हाइटेंशन बिजली के तारों एवं खंभों के पास फसलों को काटकर नहीं रखने की सलाह दी है। गर्मी बढ़ने से बीते दस दिनों में जनपद में विभिन्न क्षेत्रों में खेतों में फसलों में आग की घटनाएं बढ़ गई है।
फायर ब्रिगेड कर्मियों को कई बार फसलों की आग लगने की झूठी सूचनाएं दी जाती हैं और जब फायर ब्रिगेड की गाड़ी मौके पर पहुंचती है तो आग फसलों की जगह नरई में लगी होने पाई जाती है। छोटी आग के लिए भी फायर ब्रिगेड के लिए फोन आने से परेशानी उठानी पड़ती है। दस दिनों में महरौनी, मड़ावरा, बानपुर, जाखलौन और कोतवाली क्षेत्र के कई इलाकों में फसलों में आग लगने की सूचना पर फायर ब्रिगेड की गाड़ियां भागती नजर आ रही हैं। शुक्रवार को थाना बानपुर के अंतर्गत ग्राम ककड़ारी में खेत में फसलों में आग की सूचना पर फायर ब्रिगेड की गाड़ी मुख्यालय से रवाना की गई, लेकिन जब गाड़ी आधे रास्ते में उदयपुुरा तक पहुंची थी कि जानकारी लगी कि आग बुझ चुकी है। इसके बाद फायर ब्रिगेड की गाड़ी को वापस लौटना पड़ा। इसी तरह दोपहर में ग्राम सिलावन में भी आग की सूचना पर फायर ब्रिगेड की गाड़ी घटना स्थल को रवाना कर दी गई और मौके पर पहुंचकर कर्मचारियों द्वारा आग बुझाने के प्रयास शुरु कर दिए गए।
बीतेबृहस्पतिवार को भी लगभग चार अलग-अलग स्थानों पर आग की सूचना पाकर फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग बुझाई। इसमें ग्राम पाचौनी में आग से अधिक नुकसान ह़ुआ था। अधिकांशत:फसलों में आग लगने का कारण ग्रामीणों द्वारा हाइटेंशन तारों से निकली चिंगारियां या हाइटेंशन तारों में फाल्ट होना बताया गया है। ऐसी अधिकांश घटनाएं दिन के समय ही हो रही हैं। ऐसे में विद्युत विभाग द्वारा एडवाइजरी जारी की गई है कि जिन खेतों में या जहां भी फसलों के ऊपर से विद्युत तार, विद्युत खंभे या ट्रांसफार्मर लगे हुए हैं, वहां किसान पहले फसलों की कटाई कर लें, ताकि यदि वहां तारों से चिंगारियां निकलती हैं या फिर तार टूट कर गिरते हैं तो उन स्थानों पर आग से फसलों के नुकसान को कम किया जा सके।
विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंता द्वितीय आकाश सचान ने बताया कि तारों के टूटने से फसलों में आग की संभावना या चिंगारियों से फसलों में आग लगने की संभावना अक्सर बनी रहती है। ऐसे में किसानों को हाइटेंशन तार व खंभों या ट्रांसफार्मर के पास की फसलें किसान पहले काट लें तो फसलों के नुकसान को काफी हद तक बचाया जा सकता है।
फसल अवशेष, पराली जलाने वालों पर होगी कार्रवाई
खेती के अवशेष यानी पराली जलाने वालों पर प्रशासन द्वारा सख्त निर्देश जारी किए गए हैं, जिसके अनुसार अपर जिलाधिकारी अनिल कुमार मिश्र ने बताया कि फसल अवशेष जलाने पर कृषि भूमि का दो एकड़ से कम क्षेत्रफल होने की दशा में 25 सौ रुपये अर्थदंड, कृषि भूमि का दो एकड़ से अधिक क्षेत्रफल होने पर पांच हजार रुपये अर्थदंड एवं कृषि भूमि का पांच एकड़ से अधिक क्षेत्रफल होने की दशा में 15 हजार रुपये अर्थदंड लगाया जाएगा। इसके बाद बाद भी पुनरावृत्ति होने पर एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी और पराली जलाने वाले दोषी व्यक्तियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता के तहत सुसंगत धाराओं में कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए किसानों को गोष्ठियों के माध्यम से किसानों को कृषि विभाग द्वारा जानकारी भी दी जा रही है।
आग लगने से फसल जली
बानपुर। ग्राम पुराधनकुआं में खेत में खड़ी फसल में आग लग जाने से गेहूं की फसल जल गई। दोपहर में हवा चलने से खेत से निकली बिजली की लाइन के तार आपस में मिल गए, जिससे चिंगारी निकली और खड़ी गेहूं की फसल में आग लग गई। पास में ही कटी रखी फसल ने भी आग पकड़ ली, जिससे दोनों फसलें जल गईं। आग लगने की सूचना मिलने पर स्थानीय लोगों ने डायल 112 पुलिस को सूचना दी व थानाध्यक्ष को सूचित किया । ग्रामीणों ने बताया कि गांव के सोबरन सिंह पुत्र रावराजा और गब्बर सिंह पुत्र वीर सिंह की लगभग 60-65 बोरे गेहूं की फसल का नुकसान हो गया। लेखपाल को भी सूचना दे दी गई। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से फसल का उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है।